9:10 pm
Sumit Pratap Singh
शिष्य को चुपचाप बैठे देख गुरु ने उससे पूछा गुरु : पुत्र कहाँ खोये हुए हो ?शिष्य : गुरुदेव सामने खड़े रेहड़ीवाले को देख मन में कुछ विचार उमड़ रहे हैं.गुरु : कैसे विचार पुत्र ?शिष्य : यही कि रेहड़ीवाला गरीब है और अपना गुजारा परांठे की रेहड़ी लगाकर चलाता है. गुरु : तो इसमें खास बात क्या हुई पुत्र ?शिष्य : गुरु देव रेहड़ीवाला गरीब है फिर भी आगे पढ़ें...
2:52 pm
मेरी आवाज सुनो

इक उमर गुज़र गई बहारों के ख्वाब में
इक उमर गुज़र जाएगी एक पैग शराब में.
निगाहों की रौशनी मद्धम हो गई है
जिगर जूझ रहा ज़िंदगी के जवाब में.
ढूंढता है जवानी का जोश नादां
मुर्दों के कबाब में.
जमाले-ज़िंदगी को ज़ाहिल बना
ढूंढता है मन जमाल हुस्नो-शवाब में.
कैसे करूं यकीं उसका "प्रताप" मैं
कुछ भी नज़र न आये तुम सा जनाब में.
प्रबल प्रताप सिंह ...
10:09 pm
Sumit Pratap Singh
प्यारे पोस्टमैन चचा सादर डाकस्ते! इतने दिन बीत गये किन्तु न तो आप आये न ही कोई पत्र . वो भी क्या दिन थे जब आपसे नियमित भेंट होती रहती थी. खाकी वस्त्र धारण किये हुए साइकल पर सवार हो पत्रों का झोला टाँगे आप अचानक ही प्रकट हो जाते थे और दे जाते थे खट्टी-मीठी खबरों से भरा एक पत्र. आप मात्र सादा पत्र ही नहीं बल्कि साक्षात्कार पत्र व नौकरी के नियुक्ति पत्र के रूप में हमारा भाग्य भी संग ले आते थे और कभी-२ मनी ऑर्डर द्वारा हमारी जेब भी भर जाते थे. हम सब आपकी उत्सुकता से प्रतीक्षा में आगे पढ़ें......
7:30 pm
gpalgoo
पाँच पी (P)विश्व के सबसे बड़े लोकतान्त्रिक देश भारत आज एक बहुत बुरे दौर से गुजर रहा है शायद 60 सालों के शासन काल में आपका समय अब तक के सबसे बड़े घोटाले में फंसा है मनमोहन सरकार चारों और से घिरी है ऐसे में अन्ना हजारे सारे देश को ब्रह्स्त्ताचार से मुक्त करने की पहल कर चुके हैं और यह चिंगारी बहुत दूर तक जाने वाली है जिस तरह देश के युवा आगे आये हैं इससे ऐसा लगता है समय की बयार ईमानदारी की और बह रही है और यह विशालकाय लोकतान्त्रिक देश के लिए अच्छी बात है आज इस समय में पाँच चीजें हैं जिन पर में चर्चा करना चाहूँगा वो हैं पाँच पी (P) पहला पी...
7:24 pm
gpalgoo
"भारतीय रेल :- सुरक्षा सें परें"मेरा कोई लिखने का मुंड नहीं था, में एक कार्टूनिस्ट हूँ व् मेकेनिकल इंजिनियर हूँ और विश्व प्रसिद्ध कंपनी में कार्यरत हूँ लेकिन आजकल के हालात को देखते हुय मन क़ि अगन है वो पीड़ा बनकर कागजों पर उतरनी शुरु हो चुकी है I नितीश कुमार जी क़ि पहल पर भारतीय रेल पटरी पर आनी शुरू हुई थी तभी चुनाव हुय I सत्ता में आये लालू यादव को रेलवे का मंत्री बनाया गया I सारा श्रेय लालू जी ले गये लेकिन किस्मत में कुछ और लिखा था अगले चुनाव में नितीश जी बिहार के मुख्यमंत्री बन गये I बेचारा लालू जी खड़ा देखता रह गया किस्मत कहाँ किसको...
12:07 pm
Sumit Pratap Singh
ठाकुर इज्ज़त सिंह अपने इलाके के माने हुए रईस ज़मींदार थे और इस बात का उन्हें घमंड भी था. इसलिए यूं ही कहीं जाने के लिए वह अपनी शानदार हवेली से नहीं निकलते थे.जब भी किसी रिश्तेदार के यहाँ कोई शादी अथवा अन्य कोई कार्यक्रम होता था तो अपने नौकर को अपने जूते देकर रिश्तेदार के यहाँ दावत खाने को भेज देते थे. नौकर उनके रिश्तेदारों से ठाकुर साब के जूतों को ही उनकी उपस्थिति मान लेने का आग्रह करता था.आगे पढ़ें...
2:55 pm
Sumit Pratap Singh
कुछ लड़कियाँ एक लड़के को पीटने में लगी हुई थी तभी हवलदार बच्चू सिंह वहां पहुंचा और कड़क आवाज़ में उनसे पूछा, "अरे तुम सब क्यों पीट रही हो इसे?" "हवलदार साब मैं यहाँ से गुजर रही थी तो इसने पीछे से मेरी पीठ पर कंकड़ मारा और अश्लील गाना गया।" उसी भीड़ में से एक लड़की बोली. आगे प...